जिंदगी का दूसरा नाम पैसा क्यों?
आज समाज में पैसा ही इंसान की जिन्दगी बन चुका है। पैसे के पीछे हर इन्सान भागता नजर आता है। पैसे को हमने अपनी कमजोरी क्यों बना लिया है ? शाय...
आज समाज में पैसा ही इंसान की जिन्दगी बन चुका है। पैसे के पीछे हर इन्सान भागता नजर आता है। पैसे को हमने अपनी कमजोरी क्यों बना लिया है ? शाय...
फैज़ाबाद , 2 दिसम्बर 2012 ‘‘ उपद्रवियों का कोई मजहब नहीं होता और साम्प्रदायिकता का कोई धर्म नहीं। सभी प्रबुद्ध नागरिकों को सद्भाव का प्रचा...
मोहब्बत की निशानी ताजमहल के बारे में कौन नहीं जानता , प्रेम का प्रतीक ताजमहल अपनी खूबसूरती के लिए देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में ...
धार्मिक नगरी अयोध्या में हर रोज़ हज़ारो लोग दर्शन और पूजन कर पुण्य कमाने आते हैं। पावन सलिला सरयू में डुबकियां लगाकर अपने गुनाहो...
परमात्मा बहुत दयालु है। उसे हम चाहे जिस नाम से याद करें। प्रत्येक पवित्र धर्म-ग्रंथों में भी यही कहा गया है। कहा ही नहीं गया है बल्कि उस...
मैंने B ॰ A ॰ किया है , मैंने M ॰ A ॰ किया है , मैं M BA कर रहा हूँ , मैं तो I AS की तैयारी कर रहा हूँ। ये सब लोग कहते तो जरूर ह...
एक तरफ हम कहते हैं कि हमें अपने हर आन्दोलन को गांधीगिरि से करना चाहिए। और कहीं-कहीं हम गांधीगीरी करते भी हैं, पर जहाँ कहीं आस्था से जुड़ी ...
फैज़ाबाद में दुर्गापूजा के अन्तिम चरण में जिस प्रकार की शर्मसार करने वाली घटनाएं घटी हैं , वे निहायत ही गंभीर हैं। दो समुदाय आपस में...
कल यानि 24 अक्टूबर 2012 के दिन विजयदशमी का जुलूस अपने पूरे शबाब पर था। शाम हो चुकी थी मैं भी जुलूस के गाज़े-बाज़े को सुन-सुन कर ऊब चुका ...
आज हम लगभग सवा अरब के करीब पहुंच चुके हैं फिर भी आपस में होड़ लगी है कि कौन आगे है ? पर हम शायद यह नहीं जानते कि हमारी बढ़ती आबादी भी...
रो ज़ शाम होते ही सारे दोस्त इकट्ठा होने लगते हैं। और आपस में शाम रंगीन करने की बात करने लगते हैं। पर मेरे पहुँचते ही सुनील कह...
आज हम अपने ही देश , राज्य , यहाँ तक की अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं। कौन हमें कब और कहां लूट ले और जान से मार दे यह हम जान भ...
जुगाड़ हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। आप सोच रहे होंगे की ये जुगाड़ हमारे जीवन का अहम हिस्सा कैसे बन सकता है ? इसका जबाब आप मु...
आज हमारे देश में हर कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहीम छेड़ रखा है , जहाँ कहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ बात होती है वहाँ हर इन्सान भ्रष्टाचार के खिल...
एक समय था जब राजा महाराजा निकलते थे लड़ाई या आखेट के लिए और रास्ते में मिलने वाली किसी सुन्दर कन्या को अपनी महारानी बनाकर ले आते थे। पह...
आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी , अंग्रेजी भारत से चले गये पर अंग्रेजी छोड़ गये। जी हाँ! आज हमें आजाद हुए लगभग 64 साल से अधिक बीत चुके हैं।...